अमेरिका के ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड हासिल करने की कोशिशों के बीच व्लादिमीर पुतिन ने इस मुद्दे को रूस से कोसों दूर बताया है। उन्होंने इसकी संभावित कीमत 1 अरब डॉलर करार दी और कहा कि संबंधित पक्ष इसे स्वयं निपटा लेंगे। क्रेमलिन बैठक में पुतिन ने डेनमार्क के उपनिवेशवादी रवैये की आलोचना की, जो ग्रीनलैंड के साथ सदियों से चला आ रहा है।
18वीं सदी का कॉलोनी से 1979 का स्वायत्त प्रदेश, ग्रीनलैंड अब आर्कटिक संसाधनों का केंद्र बिंदु है। ट्रंप इसे रणनीतिक महत्व का मानते हैं, जबकि डेनमार्क इसे अपनी संप्रभुता का प्रतीक। अमेरिकी थूले एयरबेस इसका प्रमाण है।
‘रूस को इसकी कोई चिंता नहीं,’ पुतिन ने कहा, अमेरिका के पुराने सौदों का हवाला देते हुए। लावरोव ने मॉस्को की गैर-हस्तक्षेप नीति दोहराई। दावोस में डेनिश मंत्री ने बिक्री से इनकार किया।
पुतिन का बयान अफवाहों पर विराम लगाता है, जहां रूस-चीन की भूमिका की चर्चा थी। जलवायु परिवर्तन से उजागर हो रहे खनिज और मार्ग वैश्विक शक्ति संतुलन बदल सकते हैं, लेकिन रूस तटस्थ रहने को तैयार है। यह घटना भू-राजनीति की नई पड़ताल दर्शाती है।