शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय निरुपम ने गुरुवार को मुंबई से कई ज्वलंत मुद्दों पर बोला। राम मंदिर पर उन्होंने कहा कि अयोध्या में बने दिव्य मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को दो साल हो गए। यह हिंदू समाज की जीत है, लेकिन कुछ नेता वोट के डर से दूरी बना रहे हैं। इसे उन्होंने हास्यास्पद और शर्मनाक बताया।
देश धर्मनिरपेक्ष है, सभी का सम्मान जरूरी, किंतु बहुसंख्यकों की आस्था को नजरअंदाज करना गलत है। शंकराचार्यों पर बोलते हुए निरुपम ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का नाम लिया, जिन्होंने महाराष्ट्र में गाय को राजमाता बनाने पर आशीष दिया। शिंदे सरकार भी उनका सम्मान करती है। प्रयागराज की घटना पर पुलिस की नाकामी मानी, पर आध्यात्मिक गुरुओं का आदर सर्वोपरि।
आई-पैक पर नया खुलासा चौंकाने वाला है। यह संस्था पार्टियों को चुनावी सलाह देती, उम्मीदवार चुनती और जीत सुनिश्चित करती है—बड़े पैसे लेकर। ईडी छापे पर विवाद हुआ था। अब पता चला कि गैर-मौजूद हरियाणा कंपनी से 13 करोड़ का लोन। निरुपम ने कहा, यह काला धन सफेद करने की साजिश है। ईडी और पीएमएलए से पूरी टीम की जांच हो। राजनीति में पारदर्शिता जरूरी है।