पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में बेरोजगार फार्मासिस्टों का आक्रोश फूट पड़ा है। सरकार द्वारा घोषित सीमित भर्तियों को अनएम्प्लॉयड फार्मासिस्ट्स एक्शन कमेटी ने ‘ऊंट के मुंह में जीरा’ जैसे अपमानजनक बताया, जब 2,000 से अधिक फार्मासिस्ट बेरोजगार हैं।
क्वेटा प्रेस क्लब में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में महासचिव कासिम अजीज मेंगल ने भर्ती नीति को अस्वीकार्य ठहराया। उन्होंने ज्यादा पद खोलने, पारदर्शिता और योग्यता आधारित प्रक्रिया की मांग की। वॉक-इन इंटरव्यू को सिफारिशों पर आधारित बताया, जो स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहा है।
निजी अस्पतालों में फार्मेसी सुविधाओं की कमी और डॉक्टरों-फार्मासिस्टों की संविदा भर्ती पर भी निशाना साधा। ये कदम अस्थायी हैं और स्थायी समाधान नहीं देते।
दूसरी ओर, क्वेटा में सरकारी कर्मचारियों का प्रदर्शन पुलिस ने कुचल दिया। रेड जोन में धरने की कोशिश पर दर्जनों गिरफ्तार। अलाउंस की मांग पर इंटरनेट सेवाएं बंद।
प्रदेशभर से कर्मचारी एकत्रित हुए, सरकारी काम प्रभावित। कंटेनरों से रास्ते अवरुद्ध। प्रेस क्लब पर छापेमारी में गिरफ्तारियां। बलूचिस्तान ग्रैंड एलायंस ने जेल भरने का संकल्प लिया।
बलूचिस्तान में ये विरोध रोजगार संकट और नीतिगत विफलताओं का आईना हैं, जो बड़े आंदोलन का संकेत दे रहे हैं।