22 जनवरी को रामलला प्राण प्रतिष्ठा के द्वितीय वर्षारंभ पर अयोध्या भक्ति के रंग में रंगी हुई है। दो वर्ष पूर्व पीएम मोदी द्वारा संपन्न इस विधि ने पांच शताब्दियों का इंतजार खत्म किया। संतजन खुशी से चहक रहे हैं और अयोध्या के नव रूप का श्रेय नेतृत्व को दे रहे हैं।
महंत सीताराम दास ने कहा, ‘मोदी जी ने स्वयं रामलला विराजमान कर सनातनियों का स्वप्न साकार किया। अयोध्या को पुराणिक वैभव प्रदान किया।’ अकल्पनीय सौंदर्य से धर्म उन्नत हो गया है, त्रेता जैसी भव्यता लौटी और मंदिर नवीनीकरण देशव्यापी है।
कृपालु महाराज ने बताया, ‘आज विशेष आयोजन, दीप प्रज्वलन होगा। दो सालों में विकास चकित करने वाला—रामराज्य आ गया। नेताओं का दिल से आभार।’
शरद शर्मा ने बुनियादी ढांचे का जिक्र किया: स्टेशन-अंगनवाड़ी उन्नत, बसें वर्धित। 25 करोड़ पर्यटक बीते साल, अब 20-22 करोड़। ‘दर्शन अब प्राथमिकता।’
आचार्य अमित दास ने कहा, ‘शुभ दिन—प्रभु को भवन मिला। अयोध्या की कहानी-चित्र दोनों बदले, परिपूर्ण।’ अयोध्या अब विश्व पटल पर आस्था का केंद्र बनी, प्रगति का प्रतीक।