पश्चिम बंगाल में चुनावी हवा तेज हो रही है। एसआईआर प्रक्रिया को लेकर टीएमसी का आरोप है कि यह एनआरसी लाने की चाल है। इसी जोर-शोर में मुनमुन सेन ने एनआरसी शुरू करने वाले पर मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल उठाए हैं।
मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘जिसने एनआरसी सोचा, उसके दिमाग में कुछ गड़बड़ है।’ अपने ड्राइवर के परिवार का जिक्र कर बोलीं, ‘अनपढ़ किसान माता-पिता, कोई दस्तावेज नहीं। बेटे का प्रमाण पहले, फिर बाकी कागज। अधिकारी तो ड्यूटी निभा रहे।’
एनआईएमएचएनएस का दौरा करने की सलाह दी। ‘शुरू करने वाला मानसिक रूप से ठीक नहीं।’ ममता बनर्जी की एनआरसी विरोधी लाइन से मेल खाता बयान।
टीएमसी से 2014 में एंट्री, बांकुरा जीत, 2019 में हार। विवादास्पद बयानों से जानी जातीं। अब दूरी बना ली, लेकिन बयान फिर सुर्खियां ला रहा।
राज्य में एनआरसी बहस असम के अनुभव से उपजी। गरीबों की परेशानी बढ़ सकती है। मुनमुन ने मुद्दे को भावुक बनाया। चुनावी समर में असर डाल सकता है।