नई दिल्ली: मध्य एशिया में भारत की कूटनीतिक उपस्थिति को बल मिला जब MEA के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज 21 जनवरी को अश्गाबात पहुंचे। यहां उन्होंने भारत-तुर्कमेनिस्तान विदेश कार्यालय परामर्श का पांचवां दौर तथा एसपीईसीए आर्थिक मंच में भाग लिया।
प्रथम बैठक विदेश मंत्री एवं कैबिनेट के उपाध्यक्ष राशिद मेरेदोव से हुई। जॉर्ज ने ईएएम डॉ. एस. जयशंकर की शुभकामनाएं दीं तथा पारस्परिक लाभकारी साझेदारी को विस्तार देने पर जोर दिया।
फिर उप विदेश मंत्री मियाहरी बयाशिमोवा के साथ द्विपक्षीय संबंधों की गहन पड़ताल हुई। चर्चा में राजनीतिक संवाद, रक्षा सहयोग, सुरक्षा, व्यापारिक संबंध, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, शिक्षा एवं वीजा मामलों को शामिल किया गया।
संयुक्त राष्ट्र जैसे मंचों पर साझा प्रयासों के साथ वैश्विक एवं पड़ोसी मुद्दों पर विचार साझा किए गए। वित्त मंत्री मैमेटगुली अस्तानागुलोव के नेतृत्व वाले फोरम में जॉर्ज ने भारत का विजन प्रस्तुत किया, जिसमें मध्य एशियाई देशों से व्यापार वृद्धि, निवेश आकर्षण एवं बेहतर संपर्क पर बल दिया।
भारत की ‘विस्तारित पड़ोसनीति’ के तहत यह दौरा पुरानी दोस्ती को नई ऊंचाइयों पर ले जाता है। ऊर्जा सुरक्षा, बुनियादी ढांचा एवं आर्थिक एकीकरण में सहयोग बढ़ेगा।