केंद्र के मनरेगा परिवर्तन से नाराज कांग्रेस ने जवाहर भवन में जोरदार प्रदर्शन किया। ‘विकसित भारत’ योजना को राजनीति का हथियार बताते हुए संदीप दीक्षित ने कहा कि मजदूर वर्ग त्रस्त है। बदलाव से उत्पन्न संकट में पार्टी मजदूरों का साथ देगी और आंदोलन को व्यापक बनाएगी। जगह-जगह से लाई गई मिट्टी से पौधा लगाकर मजदूरों की एकता प्रदर्शित की गई।
इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि यूपीए ने मजदूरों को 100 दिन का रोजगार दिलाया। वर्तमान बिल से यह अधिकार समाप्त हो रहा है। ‘मनरेगा बचाओ’ अभियान पूरे देश में फैलेगा। राहुल गांधी सिविल सोसाइटी से मिलेंगे, उसके बाद जमीन पर उतरेंगे। विक्रांत भूरिया ने विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति पर जोर दिया।
यह आंदोलन जन-स्तरीय बनेगा। अलका लांबा ने बिना परामर्श के फैसले को तानाशाही करार दिया। न केवल योजना का नाम बदला, बल्कि अधिकार ही छीन लिया। मल्लिकार्जुन खड़गे व राहुल गांधी समेत पूरी पार्टी प्रतिबद्ध है। ग्रामीण रोजगार की रक्षा के लिए संघर्ष तेज होगा।