रांची। धनबाद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में छात्रों को परीक्षा देने से रोकने के विवाद में झारखंड हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच को फिलहाल रोक दिया है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर ने राज्य सरकार व जेयूटी की अपील पर यह अंतरिम आदेश जारी किया। मामले की अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी।
कोर्ट में सीबीआई पक्ष ने एकल बेंच के 13 जनवरी के आदेश पर प्रिलिमिनरी इंक्वायरी दर्ज करने की पुष्टि की। महाधिवक्ता ने स्पष्ट किया कि 9 सितंबर 2025 को डीआईटी को केवल 60 सीटों की मंजूरी मिली, जबकि 138 छात्र भर्ती कर लिए गए। ऐसे में संस्थान के हाईकोर्ट जाने को गलत ठहराया।
एकल पीठ ने इसे गंभीर अनियमितता माना था। एआईसीटीई की 30 अप्रैल 2025 की मंजूरी के बावजूद परीक्षा रोकना छात्रों के करियर पर प्रहार था। अदालत ने एआईसीटीई व जेयूटी पर सवाल उठाते हुए ‘नो एंट्री’ हटाकर जाल बिछाने की तुलना की और सीबीआई से रिपोर्ट मांगी।
अब खंडपीठ के फैसले का इंतजार। यह घटना तकनीकी संस्थानों में दाखिले व परीक्षा प्रक्रिया की खामियों को रेखांकित करती है। छात्र हित सर्वोपरि होने चाहिए, ताकि भविष्य सुरक्षित रहे। न्याय व्यवस्था से उम्मीदें बरकरार हैं।