सिंघाड़ा सर्दियों का एक ऐसा फल है जो स्वास्थ्य लाभों की खान है। थायरॉइड ग्लैंड जैसा दिखने वाला यह फल वास्तव में थायरॉइड स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है। कच्चा, उबला, भुना या आटे के रूप में इस्तेमाल होने वाला सिंघाड़ा ब्लड प्रेशर नियंत्रण और पाचन सुधार में माहिर है।
इसमें प्रचुर आयोडीन थायरॉइड हार्मोन बनाता है, जबकि पोटेशियम-मैंगनीज हार्मोन सक्रियण में सहयोग करते हैं। टी3 रूपांतरण से मेटाबॉलिज्म दुरुस्त रहता है, थकान व वजन बढ़ना रुकता है। सूजनग्रस्त थायरॉइड रोगी इसे खाकर राहत पाते हैं।
रक्तचाप संतुलन के लिए पोटेशियम चमत्कारिक है, हृदय को सुरक्षित रखता है। डिहाइड्रेशन रोकने व पानी जमा होने से बचाने में भी कारगर। फाइबर युक्त होने से कब्ज भागता है, पेट हल्का रहता है।
बाजारों में सस्ता व ताजा उपलब्ध, व्यंजनों में आसानी से शामिल करें। डॉक्टर की सलाह से सेवन करें। सिंघाड़ा प्रकृति का उपहार है जो सर्दी में स्वास्थ्य रक्षा करता है।