महाराष्ट्र की सत्ताधारी महायुति ने ठाणे, कल्याण-डोंबिवली नगर निगम और उल्हासनगर में मेयर के पदों पर अपनी पकड़ मजबूत करने का समझौता कर लिया। बुधवार को यह घोषणा राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी।
विश्व आर्थिक मंच दावोस से लौटे सीएम देवेंद्र फडणवीस मुंबई में शिंदे से मुलाकात कर अंतिम फैसला लेंगे। भाजपा बयान में नियुक्तियों की पुष्टि हुई।
बावनकुले-शिंदे की हालिया चर्चाओं ने आधार तैयार किया। ‘जनता का स्पष्ट संदेश है, महायुति ही शासन करेगी,’ बावनकुले ने जोर दिया।
इन शहरों पर काबिज होकर गठबंधन क्षेत्रीय प्रगति तेज करेगा और जमीनी स्तर पर पकड़ बढ़ाएगा।
कल्याण-डोंबिवली में शिंदे समूह ने एमएनएस जोड़कर स्वतंत्र सत्ता की स्थिति बनाई, भाजपा व यूबीटी दोनों को नुकसान।
उल्हासनगर में शिंदे के सांसद श्रीकांत प्रयासरत हैं, निर्दलीयों को लाकर बहुमत का लक्ष्य। भाजपा-शिवसेना के 37-37 के बाद सेंसा मेयर संभव।
अंबरनाथ-बदलापुर की राजनीति का बदला, जहां भाजपा ने कांग्रेस से अध्यक्ष लिया तो शिंदे ने एनसीपी से उपाध्यक्ष। अब कल्याण का दांव उसी चक्रव्यूह का हिस्सा।
फडणवीस की वापसी से महायुति का नया अध्याय शुरू, शहरी विकास को बल मिलेगा।