बेंगलुरु से बड़ी खबर, जहां कर्नाटक सरकार ने डीसीआरई के डीजीपी के. रामचंद्र राव को अश्लील वीडियो मामले में निलंबित कर दिया। उनकी जगह 1995 बैच के आईपीएस उमेश कुमार को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया। यह निर्णय बुधवार को लिया गया।
विवादास्पद वीडियो 19 जनवरी को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें राव कथित रूप से कार्यालय में महिलाओं के साथ अनुचित आचरण करते दिखे। सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित किया। आदेश में स्पष्ट कहा गया कि उनका व्यवहार सरकारी मानदंडों के विरुद्ध है तथा राज्य की छवि को ठेस पहुंचाई।
डीसीआरई एससी/एसटी समुदायों के खिलाफ अत्याचार रोकने और नागरिक अधिकारों की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में नेतृत्व परिवर्तन जरूरी था। उमेश कुमार, जो भर्ती डीजीपी हैं, अब इस संवेदनशील जिम्मेदारी को संभालेंगे।
कुमार का लंबा प्रशासनिक अनुभव है। वे केएसआरपी में एडीजीपी रह चुके हैं और हाल ही में पदोन्नत हुए। उनकी नियुक्ति विभाग को नई दिशा देगी।
आदेश कार्मिक विभाग के अवर सचिव केवी अशोक ने जारी किया, जो राज्यपाल के नाम पर आधारित है। इसे विधान सौधा से विभिन्न अधिकारियों को प्रेषित किया गया, जिसमें गृह मंत्रालय, सीएम कार्यालय और पुलिस मुख्यालय शामिल हैं।
यह घटना कर्नाटक प्रशासन की सख्ती को दर्शाती है। भविष्य में ऐसी घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई का भरोसा बढ़ेगा। उमेश कुमार के नेतृत्व में डीसीआरई मजबूती से अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ेगा।