गोड्डा पुलिस ने एक रोंगटे खड़े कर देने वाली साजिश का भंडाफोड़ किया है। बिहार तैनात न्यायिक मजिस्ट्रेट संतोष कुमार साह ने पत्नी वंदना पर जानलेवा हमले की सुपारी दी थी। विवादास्पद घटना 17 जनवरी को गांधीग्राम फ्लाईओवर पर घटी, जब वंदना कोर्ट से लौट रही थीं।
बाइक सवार गुंडों ने अंधाधुंध फायरिंग की, दो गोलियां वंदना को लगीं। उन्हें पहले पथरगामा स्वास्थ्य केंद्र, फिर गोड्डा अस्पताल और अंततः भागलपुर ले जाया गया। एसपी मुकेश कुमार के मुताबिक, दहेज उत्पीड़न और तलाक के झगड़े ने संतोष को कत्ल की राह पर धकेला।
2019 की शादी के बाद नौकरी लगने पर संतोष ने 15 लाख मांगे, मारपीट शुरू हुई। 2020 में वंदना का केस, उसके बाद संतोष का तलाक याचिका। संतोष-सुबोध ने दो लाख में ठेका दिया। कहलगांव से तीन गिरफ्तार: श्याम, सुबोध, आरिफ।
पुलिस को वारदात की बाइकें, हथियार, खोखा आदि आरिफ के घर से मिले। चार हमलावर दो बाइक पर, सुबोध अलग। तीन फरार। सीडीआर, सीसीटीवी से संतोष पर शिकंजा। यह कांड दहेज लोभी मानसिकता और न्यायपालिका की विश्वसनीयता को चुनौती देता है। जांच पूरी होने पर सख्त कार्रवाई होगी।