बिहार की राजधानी पटना से राजनीति का नया मोड़ सामने आया। जनशक्ति जनता दल प्रमुख तेज प्रताप यादव ने राहुल गांधी के गांधीवाद पर तीखा प्रहार किया। मनरेगा नाम परिवर्तन को गांधी अपमान बताने वाले राहुल के बयान पर यादव ने पलटकर तंज कसा कि नामजड़ से गांधी सिद्धांत अपनाने का प्रमाण-पत्र थोड़े ही मिल जाता है।
बुलेट मोटरसाइकिल और जींस-शर्ट वाले लाइफस्टाइल का हवाला देकर यादव ने कहा, गांधीजी सादगी के मूर्तिमान थे। चरखा और खादी को बढ़ावा दिया, तो राहुल खुद क्यों पश्चिमी कपड़ों में नजर आते हैं? यह विरोधाभास पाखंड को दर्शाता है।
गांधी विचारधारा नहीं, बल्कि जीवन दर्शन हैं, जिन्हें आचरण में उतारना जरूरी। तेज प्रताप ने नेताओं से अपील की कि वादे भाषणों तक न सीमित रहें। बिहार विधानसभा चुनाव के बाद उनकी राहुल और इंडिया अलायंस पर आलोचना तेज हो गई है।
भाजपा के करीब आने के संकेत भी मिले। मकर संक्रांति पर डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा से मिले, अभिवादन किया, तस्वीरें लीं। एनडीए जॉइनिंग की चर्चा पर चुप्पी साधी- घोषणा उचित समय पर। बिहार राजनीति में नई धाराएं उभर रही हैं, जो गठबंधनों को नया आकार दे सकती हैं।