महाकुंभ की चर्चित हस्ती हर्षा रिछारिया ने आध्यात्मिक यात्रा त्यागकर मॉडलिंग में कमबैक का निर्णय लिया। वजह? गद्दी पर विराजमान कुछ लोग उनकी उन्नति रोकना चाहते हैं।
बिना नाम लिए उन्होंने खुलासा किया कि उत्पीड़न जारी है। उन्होंने बताया कि उन्होंने सब छोड़ दिया था, लेकिन दान-भेंट पर जीवन व्यतीत करना उनके बस की बात नहीं। धर्म का प्रसार तभी सार्थक जब खुद के पास साधन हों। अब वे करियर संवारेंगी।
खाने-पीने के लिए धन चाहिए, उधार स्थायी नहीं। चरित्र पर प्रहार हो रहे, समर्थन नदारद। कुछ संत बार-बार अवरोध पैदा कर रहे।
धर्म अपनाने के दावों को खारिज करते हुए बोलीं, जन्म से सनातनी हूं। सोशल मीडिया, धार्मिक आयोजनों से युवतियों को जोड़ने का कार्य रोका, न कि धर्म।
समाज हित के प्रयास विफल हुए। सिंहासनाधीश प्रगति के खिलाफ। आध्यात्मिक क्षेत्र में सुधारकों के संघर्ष की यह मिसाल है।