दांतों की सेहत का खजाना है वज्रदंती—यह छोटा सा फूल आयुर्वेद में दांतों का रक्षक माना जाता है। गांवों से लेकर शहरों की दुकानों तक इसका जलवा बरकरार है। मसूड़ों की सूजन, दर्द, खून आना या मुंह की बदबू जैसी परेशानियां इसके आगे टिक नहीं पातीं। बिना साइड इफेक्ट के यह धीरे-धीरे लेकिन पक्के तौर पर इलाज करता है।
इसके अंदर छिपे एंटी-इंफ्लेमेटरी और जीवाणुरोधी तत्व बैक्टीरिया को जड़ से उखाड़ फेंकते हैं। दांतों के आसपास जमा प्लाक और गंदगी साफ हो जाती है, जिससे मसूड़ें मजबूत बनती हैं। कई ब्रांडेड आयुर्वेदिक पेस्ट इसी का गुण शामिल करते हैं।
बदबू की समस्या आजकल आम है, लेकिन वज्रदंती इसे आसानी से हल कर देता है। मुंह के अंदर बैक्टीरिया खत्म करके यह सांसों को महकोर बनाता है। परंपरागत रूप से इसके फूलों को सुखाकर पाउडर बनाया जाता था, जो ब्रश करने के लिए इस्तेमाल होता था।
दांतों का दर्द हो या झनझनाहट, वज्रदंती सूजन घटाकर आराम पहुंचाता है। लंबे समय तक सेवन से दांतों की जड़ें मजबूत होती हैं और मसूड़ों से रक्तस्राव रुक जाता है। खासकर वृद्धजनों के लिए यह सबसे भरोसेमंद नुस्खा है। आज ही इसे अपनाएं और स्वस्थ दांत पाएं।