दक्षिण कोरिया में पुलिस और सैन्य बलों ने बुधवार को तीन लोगों के आवासों व कार्यालयों पर आकस्मिक छापेमारी की। कथित रूप से उत्तर कोरिया में ड्रोन घुसपैठ करने वाले इन संदिग्धों की जांच तेज हो गई है।
नेशनल ऑफिस ऑफ इन्वेस्टिगेशन ने एविएशन सुरक्षा कानून तोड़ने के आरोप में वारंट के तहत कार्रवाई शुरू की। प्योंगयांग ने सितंबर और जनवरी में घुसपैठ का आरोप लगाया, लेकिन सियोल ने ड्रोन मॉडल न होने का हवाला देकर खारिज किया।
पुलिस ने कहा, जांच व्यापक होगी। ओह नामक ग्रेजुएट ने मीडिया को ड्रोन उड़ान की कबूली। दोनों एक यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र और राष्ट्रपति कार्यालय के कर्मचारी रहे। 2024 में ड्रोन कंपनी बनाई।
ओह की बंद उत्तर कोरिया न्यूज साइट्स पर जासूसी के शक। विश्वविद्यालय स्टार्टअप में तलाशी ली गई, अज्ञात वस्तु बरामद। किम यो-जोंग की मांग के बीच यह मामला सीमा सुरक्षा पर सवाल उठाता है।
परिणाम दोनों कोरियाओं के बीच संवाद को प्रभावित करेंगे, ड्रोन नियंत्रण की जरूरत साफ है।