छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए कई बड़े प्रस्तावों पर मुहर लगा दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि राज्य के सभी जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में लैब सुविधाओं का विस्तार और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। इसका उद्देश्य आम जनता को उनके निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में ही गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही, कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई आबकारी नीति के प्रस्ताव का भी अनुमोदन किया है, जिससे विभाग को आगामी तैयारियों के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा।
औद्योगिक और तकनीकी मोर्चे पर, सरकार ने नवा रायपुर में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए एसटीपीआई के साथ हाथ मिलाया है। आगामी वर्षों में जड़ी-बूटी और वन उत्पादों पर आधारित मेडटेक और स्मार्ट कृषि के क्षेत्र में नए उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जाएगा। नवा रायपुर में स्थापित होने वाला राष्ट्रीय स्तर का शिक्षण संस्थान न केवल शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाएगा, बल्कि राज्य की बौद्धिक संपदा में भी इजाफा करेगा। एनआईआरएफ रैंकिंग में 52वें स्थान पर काबिज इस संस्थान की उपस्थिति से छत्तीसगढ़ की पहचान अब एक नॉलेज हब के रूप में भी होगी। इन फैसलों से स्पष्ट है कि साय सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और आधुनिक तकनीक को विकास के मुख्य स्तंभ मानकर आगे बढ़ रही है।