नीरज वोरा वह जादूगर थे जिन्होंने बॉलीवुड को हंसी का खजाना दिया। भुज में 22 जनवरी 1963 का जन्म, शास्त्रीय संगीतकार पिता के आशीर्वाद से कला की नींव पड़ी। सेंटाक्रूज का बचपन, छह साल से थिएटर, कॉलेज अवॉर्ड्स—सब कुछ फिल्मी सफर की तैयारी था।
‘होली’ (1984) से एंट्री, आमिर-नसीर संग। ‘सर्कस’ टीवी पर धमाल, ‘रंगीला’ (1995) डायलॉग्स से लोकप्रियता। ‘हेरा फेरी’ ने अक्षय, परेश, सुनील को कॉमेडी किंग बनाया। सिक्वल ‘फिर हेरा फेरी’ और ‘बोल बच्चन’ ने बॉक्स ऑफिस लूटा।
निर्देशक के रूप में ‘फैमिलीवाला’, अभिनेता के रूप में ‘मन’, ‘वेलकम बैक’ में जान फूंकी। साफ कॉमेडी ने सभी वर्गों को जोड़ा। अक्टूबर 2016 का स्ट्रोक, फिरोज नाडियाडवाला के घर आईसीयू, 13 माह कोमा। 14 दिसंबर 2017 को अलविदा।
शोक में डूबा बॉलीवुड, पीएम मोदी की श्रद्धांजलि। नीरज की रचनाएं हंसी का स्रोत बनी रहेंगी, नई पीढ़ी को प्रेरित करतीं।