दावोस की ठंडी वादियों में विश्व आर्थिक मंच 2026 ने वैश्विक संकट की गहराई उजागर की। ट्रंप फोरम में शरीक हुए, मगर फ्रांस की जी7 इमरजेंसी समिट से मुंह मोड़ लिया।
मैक्रों के निमंत्रण को ट्रंप ने सार्वजनिक तिरस्कार दिया, अपनी बातचीत ट्रूथ सोशल पर पोस्ट कर फ्रांसीसी नेता की क्षमता पर प्रहार किया।
ग्रीनलैंड हड़पने की योजना और कनाडा की ओर झुकाव ने नेताओं को सतर्क किया। प्रमुख शक्तियों के आधिपत्य के विरुद्ध एकजुटता का नारा बुलंद हुआ।
कार्नी बोले, ‘मेज पर न हों तो प्लेट में। मिडिल पावर्स को गठबंधन बनाना होगा। विश्व क्रम ढह रहा, अनियंत्रित भू-राजनीति उभर रही।’
‘यह बदलाव नहीं, टूटन है,’ उन्होंने चेताया।
मैक्रों ने ब्रिक्स-जी20 से सहयोग बढ़ाने की वकालत की। ट्रंप की ग्रीनलैंड विरोधियों पर टैरिफ चेतावनी ने विवाद भड़काया। वॉन डेर लेयेन ने खतरे की घंटी बजाई।
अमेरिका ने दावोस में सफाई दी—टैरिफ पुरानी रणनीति, वार्ता का हथियार।
मैक्रों ने अमेरिकी मंसूबों को बेनकाबा: टैरिफ से यूरोप गुलाम। चीन की औद्योगिक बाढ़, रूस का यूक्रेन आक्रमण चिंता का विषय।
फ्रांस यूएन चार्टर, संप्रभुता का रक्षक। डेनमार्क संग सहयोगी अभ्यास।
युद्ध के इतिहास से सीख—एकता ही रक्षा। मध्य राष्ट्र नया मोर्चा खोल रहे।