नई दिल्ली से बड़ी खबर! केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुजुर्गों की पेंशन सुरक्षा और छोटे कारोबारों की उड़ान भरने के लिए दो क्रांतिकारी कदम उठाए। अटल पेंशन योजना (एपीवाई) को 2030-31 तक लंबा खींचा गया है, जिसमें जागरूकता अभियान और फंडिंग गैप के लिए खास बजट शामिल है। इसके साथ ही सिडबी को 5,000 करोड़ रुपये की पूंजी डोज देने का ऐलान हुआ।
9 मई 2015 को शुरू एपीवाई असंगठित कामगारों के लिए वरदान साबित हुई, जो 60 के बाद 1,000-5,000 रुपये पेंशन सुनिश्चित करती है। 8.66 करोड़ सदस्यों के साथ यह योजना चरम पर है। विस्तार से करोड़ों तक पहुंच बढ़ेगी, विकसित भारत@2047 को बल मिलेगा।
एमएसएमई मोर्चे पर सिडबी की इक्विटी मदद तीन किस्तों में—पहले साल 3,000 करोड़, बाकी दो साल 1,000 करोड़ प्रत्येक—उसकी डिजिटल लेंडिंग, स्टार्टअप वेंचर डेब्ट को रफ्तार देगी। एमएसएमई संख्या 1.02 करोड़ तक उछलेगी, 25.74 लाख नई यूनिट्स को फायदा। 1.12 करोड़ नौकरियां पैदा होंगी।
बढ़ते रिस्क वाली एसेट्स के दौर में यह पूंजी सीआरएआर और रेटिंग बचाए रखेगी। कुल मिलाकर, ये नीतियां सामाजिक न्याय और आर्थिक विकास का अनूठा संगम हैं, जो देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी।