दिल्ली में विदेश मंत्री एस. जयशंकर की स्पेन के जोस मैनुअल अल्बेरेस के साथ बैठक ने द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा दी। आतंकवाद विरोधी रणनीति, व्यापार वृद्धि, रक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान प्रमुख मुद्दे रहे।
बैठक में जयशंकर ने कहा कि बदलती दुनिया में आतंकवाद जैसी साझा समस्याओं से लड़ना जरूरी है। दोनों देशों को इसका दंश झेलना पड़ा है, अतएव वैश्विक स्तर पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जानी चाहिए।
संबंधों की नींव साझा लोकतांत्रिक आदर्शों पर टिकी है। 70 वर्ष पुराने राजनयिक बंधन की वर्षगांठ पर 2026 संस्कृति-पर्यटन व एआई वर्ष के रूप में चिह्नित होगा।
उच्च स्तरीय वार्ताओं से राजनीतिक जुड़ाव बढ़ा है। भारत का आगामी एआई समिट समावेशी व जिम्मेदार एआई पर केंद्रित है, जो स्पेन जैसे यूरोपीय देशों से तालमेल रखता है।
व्यापार 8 अरब डॉलर को पार कर चुका, स्पेन भारत के प्रमुख यूरोपीय भागीदार। स्पेन की फर्में नवीकरणीय ऊर्जा, जल प्रबंधन व शहरी विकास में निवेश कर रही हैं, जबकि भारत स्पेन में तकनीक व ऑटो पार्ट्स निर्यात बढ़ा रहा।
रक्षा क्षेत्र में ‘मेड इन इंडिया’ सी295 का सितंबर तक उत्पादन शुरू होगा, सहयोग की गहराई दिखाएगा।
योग व भारतीय संस्कृति स्पेन में छाई हैं, वहीं स्पेनिश भाषा भारत में प्रचलित हो रही। पर्यटन व शिक्षा के माध्यम से जन-जन संपर्क मजबूत होंगे।
ये चर्चाएं दोनों राष्ट्रों के बीच मजबूत साझेदारी का आधार तैयार करती हैं।