लोग सालों से मानते आ रहे हैं कि उंगलियां चटकाना गठिया और दर्द का कारण बनता है। लेकिन विज्ञान कुछ और कहता है। गहराई से समझें इस आदत के पीछे का रहस्य।
सिनोवियल तरल में गैस बुलबुले फूटने से चटक की ध्वनि होती है। जोड़ों को चिकनाई मिलती है, कोई क्षति नहीं।
अध्ययनों से साबित: आदतन चटकाने वालों में आर्थराइटिस का खतरा नहीं बढ़ता। स्वस्थ व्यक्तियों के लिए पूरी तरह सुरक्षित।
आयुर्वेदिक दृष्टि: वात संतुलन बनाए रखें। असंतुलन में समस्या बढ़ सकती है।
व्यक्तिगत स्वास्थ्य पर निर्भर। मजबूत जोड़ों वाले चिंतामुक्त, कमजोरियों वाले सतर्क।
तनाव कम करने को ठीक, मगर प्राणायाम बेहतर विकल्प। अंत में, मिथक भूलें, विज्ञान को अपनाएं।