कोटपूतली-बहरोड़ जिले पर 15 दिनों से कोहरे का काला साया मंडरा रहा है। जनजीवन पूरी तरह विस्थापित हो चुका है। यातायात जाम, किसान परेशान और व्यापार ठप—हर तरफ कोहरा ही कोहरा।
सुबह के समय बहरोड़ में कोहरा इतना घना छा जाता है कि सड़कें अंधेरी गलियों जैसी लगती हैं। प्रमुख मार्गों पर वाहन सुस्त चाल से चलते हैं, 11 बजे तक तो हालत गंभीर। सिर्फ 20-30 मीटर आगे दिखता है, ड्राइवरों को आंखें फाड़नी पड़ती हैं। बच्चे स्कूल, कर्मचारी दफ्तर और लंबी यात्रा वाले सबसे ज्यादा बदहाल। छोटे-मोटे हादसे होते रहते हैं।
साथ ही जिले में ठंड का प्रकोप चरम पर है। देर रात और भोर की ठंडी हवाएं शरीर सुन्न कर देती हैं। अलाव जल रहे हैं, ऊनी कपड़े पहने लोग सिहर रहे हैं। अपराह्न में मौसम सुधरता है, तापमान 20 डिग्री पर पहुंच जाता है।
रबी फसलों पर कोहरे का बुरा असर पड़ रहा है। सरसों, गेहूं और चने में फफूंद का खतरा मंडराने लगा। किसान चिंता में डूबे हैं, खेतों की रखवाली कर रहे हैं।
मौसम विज्ञानियों ने बारिश की संभावना जताई है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण ठंड बढ़ सकती है या कोहरा कम हो सकता है। जिला प्रशासन और यातायात विभाग ने अलर्ट जारी किया है—अनावश्यक सफर न करें, सावधानी बरतें। अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
इस विपदा से निपटने के लिए सबको सजग रहना होगा।