पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया पर सियासी बवाल तेज। भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने राज्य सरकार को दोषी ठहराते हुए कहा कि ममता सरकार SIR को ठीक से चलने नहीं देना चाहती। पूरे राज्य में विरोध और हिंसा की घटनाएं बढ़ गई हैं।
मोगरा समेत कई जिलों में फॉर्म-7 जमा करने को लेकर तनाव चरम पर। भाजपा कार्यकर्ता केंद्रीय सुरक्षा की मांग कर रहे हैं, जबकि तृणमूल के कथित हमलों से अफरा-तफरी मची। घोष ने इंटरव्यू में कहा, ‘कहीं और SIR शांतिपूर्ण है, बंगाल में क्यों हाहाकार? सरकार ही असल गुनहगार है।’
उन्होंने कहा कि बिना पारदर्शी SIR के चुनावी तारीखें न घोषित हों। ‘लोग अदालतों के चक्कर काट रहे हैं, सरकार कहां है?’ सुवेंदु अधिकारी ने अमित मंडल गिरफ्तारी को लोकतंत्र विरोधी बताया।
तृणमूल ने पलटवार किया, लेकिन विपक्ष का हल्ला थमने का नाम नहीं ले रहा। यह विवाद मतदाता सूची की शुद्धता और चुनावी निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर रहा है।