केरल में राजनीतिक तापमान बढ़ा जब विपक्ष नेता वीडी सतीशन ने सीपीआई(एम) को मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की मिलीभगत से सांप्रदायिक बयानबाजी का दोषी ठहराया। मंगलवार को विधानसभा में बोलते हुए उन्होंने मंत्री साजी चेरियन के बयान को पूर्वनियोजित षड्यंत्र करार दिया।
सतीशन ने पूरी स्क्रिप्ट उजागर की—सीएम की पीआर टीम की दिल्ली मीडिया ब्रिफिंग, विजयन का इंटरव्यू में समर्थन, फिर दूरी, समुदाय नेताओं का समर्थन, बालन का बयान और चेरियन का क्लाइमेक्स। यह सब सुनियोजित था, उनका कहना था।
चेरियन के बयान को उन्होंने केरल मंत्रीस्तरीय इतिहास का काला अध्याय बताया, जिसमें जातिगत अपील से संविधान का उल्लंघन हुआ। सीएम की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि बयान को क्यों नहीं माना गया।
सीपीआई(एम) की रणनीति पर प्रहार करते हुए सतीशन ने कहा कि वे विवाद पैदा कर उसे सामान्य बनाते हैं। यूडीएफ हर मंच पर विरोध करेगा।
अल्पसंख्यक निर्भरता के दावों को सिरे से नकारते हुए उन्होंने यूडीएफ की व्यापक स्वीकार्यता का हवाला दिया, जिसमें लेफ्ट के किलों पर भी जीत हुई। संघ की तर्ज पर विभाजन केरल के लिए घातक है, उन्होंने आगाह किया।
बाबरी कांड के दौरान मुस्लिम लीग को धर्मनिरपेक्ष बताने वाली सीपीआई(एम) की दोहरी नीति पर कटाक्ष किया। 2026 में केरल के मतदाता इस खेल को नकारेंगे, यूडीएफ की धर्मनिरपेक्षता जीतेगी, उनका दावा।