झारखंड में कोचिंग संस्थानों को नियंत्रित करने वाले महत्वपूर्ण कानून को अंतिम मंजूरी मिल गई। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने विधानसभा से पारित झारखंड कोचिंग सेंटर (नियंत्रण एवं विनियमन) विधेयक-2025 को हरी झंडी दिखा दी। इससे राज्य के लाखों छात्र सुरक्षित वातावरण में पढ़ाई कर सकेंगे।
आत्महत्या के बढ़ते मामले, आगजनी हादसे, खराब सुविधाएं, बेलगाम फैलाव और ऊंची फीस की मार को रोकने का लक्ष्य है इस कानून का। 50 से ज्यादा छात्रों वाले केंद्रों पर केंद्रीयकृत नियंत्रण होगा।
डिस्ट्रिक्ट कमेटियां और स्टेट अथॉरिटी पंजीकरण प्रक्रिया संभालेंगी। आवेदनों में सुविधाओं, फीस नीति, मूल्यांकन और रिफंड का ब्योरा जरूरी। बहु-शाखा संस्थानों को अलग-अलग आवेदन भरने होंगे।
छह माह में पंजीकरण अनिवार्य, 60 दिनों में फैसला। नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना, ब्लैकलिस्टिंग तक की कार्रवाई। स्थानीय शिकायत प्रकोष्ठ त्वरित निपटारा सुनिश्चित करेंगे। झारखंड ने शिक्षा के क्षेत्र में एक मिसाल कायम की है।