दावोस के वैश्विक मंच पर बड़ा समाचार! वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 में 146 शीर्ष कॉरपोरेट लीडर्स के साथ भारतीय दिग्गज सीईओ भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे। यह बुधवार को निर्धारित है, जब भारत-अमेरिका ट्रेड वार्ताएं चरम पर हैं।
टाटा के एन चंद्रशेखरन, विप्रो के श्रीनि पालिया, सुनिल भारती मित्तल और इन्फोसिस के सलिल पारेख जैसे नाम इस विशेष ग्रुप का हिस्सा हैं। इनकी भागीदारी से बाजारों में उत्साह की लहर है।
दोनों देशों के बीच संबंधों में आई मिठास से ट्रेड डील का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। सम्मेलन में कनाडा के मार्क कार्नी, जर्मनी के फ्रेडरिक मर्ज और उर्सुला वॉन डेर लेयेन जैसे वैश्विक नेता मौजूद हैं।
लगभग 1700 बिजनेस लीडर्स की भागीदारी के बीच एनवीडिया, माइक्रोसॉफ्ट, ओपनएआई जैसी कंपनियों के सीईओ चर्चा का केंद्र हैं। जेन्सन ह्वांग, सत्य नडेला, डारियो अमोदेई जैसे नाम एआई क्रांति को नई दिशा दे रहे हैं।
मंत्री प्रल्हाद जोशी ने निवेशकों को भारत के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र की ओर आकर्षित किया। सोलर, विंड, ग्रीन हाइड्रोजन में भारत की सफलता का जिक्र करते हुए ला काइस के नेताओं के साथ उन्होंने दीर्घकालिक साझेदारी पर जोर दिया।
यह सम्मेलन न केवल व्यापारिक अवसरों का केंद्र है, बल्कि सतत विकास के नए द्वार भी खोल रहा है। भारत वैश्विक पटल पर मजबूती से उभर रहा है।