दावोस के विश्व आर्थिक मंच में महाराष्ट्र मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई में राज्य को निवेश का खजाना मिला। एमएमआरडीए के सहयोग से विभिन्न वैश्विक कंपनियों संग रियल एस्टेट से लेकर सस्टेनेबल उद्योग तक के क्षेत्रों में भारी भरकम एमओयू साइन हुए।
ये निवेश लॉजिस्टिक्स, स्टील उत्पादन, रिन्यूएबल एनर्जी, आईटी-आईटीईएस, डेटा सेंटर्स, शहरी यातायात और हरित विकास पर केंद्रित हैं। फडणवीस ने जेफ मेरिट संग भविष्योन्मुखी औद्योगिक परिवर्तनों पर विचार-विमर्श किया। आईकेईए प्रमुख से महाराष्ट्र विस्तार पर चर्चा में केंद्रीय सहायता का आभार जताया।
मुख्य सौदे: मुंबई में 20 बिलियन डॉलर लॉजिस्टिक्स, विदर्भ-गढ़चिरौली स्टील पर 20,000 करोड़, पालघर बीएफएन के 565 करोड़, 4,000 करोड़ योकी ग्रीन से ऊर्जा तथा लोढ़ा के 1 लाख करोड़ आईटी प्रोजेक्ट।
कोका-कोला के प्रतिनिधि संग जामनेर जैसे विकल्प, जीसीसी पॉलिसी और अवसरों पर उत्साहजनक बातचीत हुई। महाराष्ट्र अब निवेश का प्रमुख केंद्र बन गया है, जो समृद्धि की राह प्रशस्त करेगा।