दावोस का वैभवपूर्ण माहौल महाराष्ट्र प्रतिनिधिमंडल के लिए सुनहरा अवसर लेकर आया है। सीएम देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में एमएमआरडीए टीम, डॉ. संजय मुखर्जी और विक्रम कुमार जैसे अधिकारियों समेत, विश्व आर्थिक मंच में सक्रिय है। मुंबई के विकास को वैश्विक वित्त और तकनीक से जोड़ना ही उद्देश्य है।
पहले दिन क्रॉसरेल इंटरनेशनल के पॉल डायसन से अहम चर्चा हुई। परिवहन इंफ्रास्ट्रक्चर के जानकार इस फर्म के साथ मेट्रो प्रोजेक्ट्स पर सहयोग पक्का हुआ। ज्ञान आदान-प्रदान और ट्रेनिंग से मुंबई का शहरी यातायात सशक्त बनेगा।
बर्कले के प्रोफेसर क्रिस बुश के साथ बातचीत ने शिक्षा और इनोवेशन के नए आयाम खोले। रिसर्च पार्टनरशिप मुंबई को भारत-एशिया की प्रतिभा नगरी बनाने में सहायक होगी।
एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के सपने को साकार करने हेतु दावोस के ये संवाद महत्वपूर्ण हैं। निवेशक, उद्योगपति और पॉलिसीमेकर्स से मुलाकातें एफडीआई, जॉब्स और इकोनॉमिक ग्रोथ को गति देंगी।
एमएमआरडीए की ये कोशिशें मुंबई को विश्वमान्य शहर बनाने की दिशा में क्रांतिकारी साबित होंगी। अपकमिंग डील्स पर नजर रखें।