नई दिल्ली। रिसर्च, डेवलपमेंट एंड इनोवेशन (आरडीआई) योजना के तहत उद्योग प्रायोजित परियोजनाओं के लिए फंडिंग जनवरी के अंत तक आरंभ हो जाएगी। मंत्रालय के अनुसार, दो प्रमुख संस्थान फंडिंग वितरण के लिए उत्साहित हैं।
डॉ. जितेंद्र सिंह की अगुवाई में समीक्षा बैठक ने योजना को कार्यान्वयन चरण में धकेल दिया। जुलाई 2023 में कैबिनेट स्वीकृति के बाद नवंबर में पीएम द्वारा शुरू की गई यह स्कीम अब जमीन पर उतरने को तैयार है।
उद्देश्य स्पष्ट है- हाई रिस्क हाई रिटर्न रिसर्च को बढ़ावा और लैब-स्टार्टअप-उद्योग त्रिकोण को मजबूत करना। इससे वैज्ञानिक उपलब्धियां बाजार तक तेजी से पहुंचेंगी।
टीडीबी और बीआईआरएसी को एसएलएफएम का दर्जा देकर डीएसटी ने फंडिंग को सुगम बनाया है। ये दोनों उद्योग परियोजनाओं पर विशेष ध्यान केंद्रित करेंगे।
मंत्री ने कहा कि निजी क्षेत्र को र&D में जोड़ना प्राथमिकता है। ट्रांसलेशनल रिसर्च के बल पर पब्लिक फंड्स व्यावसायिक सफलता का आधार बनेंगे।
भारत के नवाचार इकोसिस्टम के लिए यह क्रांतिकारी कदम साबित होगा। डिजिटल प्लेटफॉर्म से आवेदन प्रक्रिया पारदर्शी और सरल होगी।
आत्मनिर्भरता के दौर में आरडीआई उद्योग-शोध साझेदारी को नई गति देगी, जिससे तकनीकी प्रगति को पंख लगेंगे।