उत्तर प्रदेश में नोएडा के सेक्टर-150 इलाके में जलमग्न गड्ढे में कार के समाने से एक इंजीनियर की असमय मौत ने प्रशासन को हिलाकर रख दिया। सीएम योगी ने नोएडा अथॉरिटी के सीईओ लोकेश एम को तत्काल हटाते हुए हाईलेवल जांच के आदेश जारी कर दिए।
देर रात चली कार अचानक सड़क के गहरे खड्ड में धंस गई, जहां पानी भरा होने से चालक को बचाया न जा सका। अंधेरा और खराब सड़कें इस हादसे का मुख्य कारण बनीं। इलाके वासी लंबे अरसे से जलभराव और असुरक्षित सड़कों की शिकायतें कर रहे थे।
मौके पर पहुंचे लोगों ने प्राधिकरण के खिलाफ नारेबाजी की और जिम्मेदारों पर लापरवाही का ठीकरा फोड़ा। योगी सरकार ने एडीजी मेरठ, मंडलायुक्त और मुख्य इंजीनियर की तीन सदस्यीय एसआईटी बनाई है।
इस टीम को घटना के हर पहलू की पड़ताल कर पांच दिनों में रिपोर्ट मुख्यमंत्री को देनी होगी। जांच में विभागीय खामियां, पूर्व सूचना के बावजूद सुधार न करना और अधिकारियों की भूमिका परखी जाएगी।
गंभीर अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। संभावना है कि सीएम स्वयं नोएडा जाकर परिवार से मिलें और सहायता का ऐलान करें। यह मामला प्राधिकरणों की कार्यशैली पर सवाल उठाता है।