सोमवार को जनकपुर में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) की सभा में काठमांडू के पूर्व मेयर बालेन शाह ने मैथिली में पहला राजनीतिक भाषण देकर सनसनी मचा दी। काठमांडू महानगरपालिका मेयर पद से त्यागपत्र देने के ठीक एक दिन बाद यह कदम उठाया। 5 मार्च के संसदीय चुनाव में आरएसपी ने शाह को पीएम पद का चेहरा बनाया है।
मधेश मूल के शाह ने भाषण में कहा कि पहचान के आधार पर वोट न दें, बल्कि सशक्त शासन के लिए घंटी चिन्ह चुनें। ‘आपके लिए सुनहरे दिन आ रहे हैं, सही सरकार सत्ता में आएगी।’ अगर शाह जीतते हैं तो मधेशी पहली बार नेपाल के पीएम बनेंगे, जो पहाड़ी वर्चस्व को चुनौती देगा।
शाह ने जनकपुर की रामायणीय महत्ता पर जोर दिया—सीता जन्मभूमि और राम विवाह स्थल। इसे शादियों का गंतव्य बनाकर विदेशी प्रवृत्ति रोकने की योजना बताई। रैली में आरएसपी प्रमुख रवि लामिछाने ने शाह को सक्षम बताया और अपने केसों को राजनीतिक साजिश कहा।
झापा-5 क्षेत्र से शाह का नामांकन पूर्व पीएम ओली के खिलाफ है, जिसे भविष्य के पीएम की लड़ाई कहा जा रहा। शाह की लोकप्रियता युवाओं में है, जो उनकी सिस्टम चैलेंजिंग स्टाइल पसंद करते हैं। मई 2022 में स्वतंत्र मेयर बने शाह दिसंबर में आरएसपी में आए। सात सूत्री करार के तहत चुनाव जीतने पर वे पार्टी के संसदीय नेता बनेंगे।
शाह का उदय नेपाल की राजनीति में ताजा हवा का संकेत है, जो पुरानी सत्ता को चुनौती दे रहा है।