हुगली जिले के एसडीओ कार्यालय में सोमवार को तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मसौदा मतदाता सूची सुधार के दौरान फॉर्म-7 के कागजात फाड़ दिए। विधायक असित मजूमदार के नेतृत्व में पहुंचा यह समूह भाजपा के कथित फर्जी आवेदनों के खिलाफ विरोध जताने का दावा कर रहा था।
साक्ष्यों के अनुसार, टीएमसी समर्थकों ने मृतक, डुप्लिकेट या移転ित मतदाताओं के नाम काटने वाले फॉर्म नष्ट कर डाले। इससे भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ धक्कमुक्की और मारपीट हुई। मजूमदार ने प्रत्यक्षदर्शी होने से इंकार किया, लेकिन लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमले का आरोप लगाया।
उन्होंने सुकांता मजूमदार के हुगली से 1.26 लाख नाम हटाने के बयान पर शक जताया और चुनाव अधिकारियों पर भाजपा एजेंट बनने का इल्जाम लगाया। पुलिस की चुप्पी पर मतदाताओं ने नाराजगी जताई।
भाजपा के सुरेश साहा ने इसे प्रशासन के साथ मिलीभगत वाली साजिश करार दिया। उनका कहना है कि टीएमसी फर्जी मतदाताओं को सूची में रखकर बूथ कैप्चर करना चाहती है।
इस तनावपूर्ण घटना ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची की शुद्धिकरण प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। स्वतंत्र जांच से ही विश्वास बहाल हो सकेगा।