पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के सत्यापन (SIR) की प्रक्रिया ने जानलेवा रूप ले लिया है। उत्तर 24 परगना, नादिया और बीरभूम जिलों में तीन अलग-अलग घटनाओं में लोगों की जान जाने की खबर है। परिजनों के अनुसार, ये मौतें वोटर लिस्ट की सुनवाई के नोटिस से पैदा हुए डर के कारण हुई हैं।
हिंगलगंज के छोयेद शेख की मौत तब हुई जब उनके बेटे के सुनवाई में न पहुंच पाने की चिंता ने उन्हें घेर लिया। नादिया के करीमपुर में फिजुर खान ने फांसी लगाकर जान दे दी क्योंकि उन्हें डर था कि दस्तावेज़ों में कमी के कारण उनकी पत्नी को देश से बाहर कर दिया जाएगा। रामपुरहाट में भी जॉनी शेख नामक व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि SIR नोटिस केवल डेटा सुधार के लिए हैं, लेकिन ग्रामीणों के बीच फैला डर कम होने का नाम नहीं ले रहा है।