गुजरात में आवारा गायों से परेशान सड़कें अब एआई तकनीक से साफ-सुथरी होंगी। गांधीनगर से शुरू हो रही इस पहल में अहमदाबाद नगर निगम सीसीटीवी और एआई का इस्तेमाल कर पशुओं को तुरंत पकड़वाएगा।
ट्रैफिक में बाधा और दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण ये आवारा पशु हैं। मौजूदा तरीका—सीसीटीवी से तस्वीरें लेकर माइक्रोचिप जांच—धीमा और संसाधन गहन है। 1.1 लाख गायों का डेटा तो तैयार है, लेकिन पहचान में देरी हो जाती है।
गिफ्ट सिटी एआई सेंटर ने डीप लर्निंग मॉडल डिजाइन करने का ठेका दिया है। यह कंप्यूटर विजन से गाय की नाक, आंखें, चेहरा और निशानों का अध्ययन करेगा। नाक की बनावट हर गाय में अलग होने से बायोमेट्रिक आईडी बनेगी।
130 जगहों पर लगे कैमरों से लाइव फीड पर काम कर मालिकों का पता लगेगा। सफलता मिली तो यातायात सुधरेगा, सुरक्षा बढ़ेगी। राज्य सरकार का यह कदम स्मार्ट सिटी मॉडल को मजबूत करेगा, अन्य शहरों के लिए मिसाल बनेगा।