सर्दी को विदाई देते हुए बसंत पंचमी 23 जनवरी को धूमधाम से मनाया जाएगा। मां सरस्वती की पूजा, पीले व्यंजन जैसे मालपुआ-खीर और फागोत्सव से यह दिन रोशन होता है। लेकिन दुखद खबर—विवाह या गृह प्रवेश का कोई शुभ समय नहीं।
कारण? ग्रह-नक्षत्रों की खराब चाल। गुरु व शुक्र अस्त होने से मांगलिक कार्यों पर रोक। मीन राशि का चंद्रमा पूर्व भाद्रपद व परिघ से युक्त। धर्मग्रंथ इसे अनुपयुक्त ठहराते हैं।
लोगों को इंतजार करना होगा। इसके बजाय पूजा, विद्या आरंभ व रचनात्मक कार्यों पर जोर। माघ मास की यह पंचमी खटवांग व तक्षक पंचमी से भी जुड़ी। पीले फूल, बूंदी लड्डू अर्पित होंगे।
ज्येष्ठ में अधिकमास (17 मई-15 जून) विवाहों पर ब्रेक लगाएगा। शुद्ध ज्येष्ठ से राहत। बसंत पंचमी का आनंद लें, विवाह बाद में।