दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने सोमवार को मीडिया ब्रीफिंग में भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने पूरे देश में ‘व्यवस्था का बंटाधार’ बताते हुए आरोप लगाया कि धर्म के नाम पर सत्ता की भूख मिटाई जा रही है।
महाकुंभ शाही स्नान में बाधा और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को रोकने का मुद्दा गरमाया। खेड़ा ने कहा, यह परंपरा न मुगलों ने तोड़ी, न अंग्रेजों ने। आज सरकार ने इसे ठुकरा दिया।
मोहन भागवत को भारी सुरक्षा देने के मुकाबले शंकराचार्य की पालकी रोकी गई। ‘भागवत संतों से ऊपर कब हो गए?’ खेड़ा ने तंज कसा।
कुंभ में वीआईपी संस्कृति चरम पर, गरीब भक्तों और साधुओं का बुरा हाल। शिष्यों के साथ मारपीट की घटनाएं शर्मनाक। सरकार की भक्ति अब कारोबार है, सत्ता का खेल।
ओडिशा पुलिस स्टेशन पर हत्यारे के समर्थन में चालीसा पाठ और उदयपुर हत्याकांड में लटका न्याय। खेड़ा बोले, ‘भाजपा का चेहरा सत्ता-लोलुप है।’
संत के अनशन को नजरअंदाज, ट्रोलिंग से डराने की कोशिश। ‘संत राजा के आगे नहीं, राजा संतों के आगे झुकें। वरना सनातन नहीं, धन के उपासक कहलाएंगे।’
कांग्रेस धर्म राजनीति से परे है। खेड़ा का यह प्रहार सियासी घमासान को नई ऊंचाई देगा।