सोमवार को नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पोलैंड के डिप्टी पीएम रादोस्लाव सिकोर्स्की के बीच गहन चर्चा हुई। जयशंकर ने पड़ोसी देशों से उत्पन्न आतंकवाद पर चिंता जताई और पोलैंड से पूर्ण समर्थन मांगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आतंक के प्रति जीरो टॉलरेंस जरूरी है।
बैठक की शुरुआत में जयशंकर ने द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति की सराहना की, लेकिन जल्द ही क्षेत्रीय सुरक्षा पर आ गए। सिकोर्स्की को याद दिलाया कि वे क्रॉस-बॉर्डर टेररिज्म की गंभीरता जानते हैं। भारत के पड़ोस में आतंकी ढांचे को सहयोग न देने की चेतावनी दी।
पाकिस्तान यात्रा के संयुक्त बयान का मुद्दा उठा, जिसमें जम्मू-कश्मीर का जिक्र था। भारत ने इसे अस्वीकार किया था। जयशंकर ने यूक्रेन संकट पर भारत की निष्पक्षता दोहराई और अन्यायपूर्ण आलोचना का विरोध किया।
वैश्विक संदर्भ में दोनों ने एक-दूसरे के दृष्टिकोण साझा किए। जयशंकर ने हालिया अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में अपनी बात रखने का जिक्र किया।
आर्थिक संबंध मजबूत हैं। पीएम मोदी की यात्रा से स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप बनी। 7 बरब डॉलर का कारोबार, 3 बिलियन से ज्यादा निवेश। पोलैंड में भारतीय कंपनियां रोजगार दे रही हैं।
एक्शन प्लान 2024-28 पर विचार हुआ। रक्षा, डिजिटल और व्यापार क्षेत्रों में नई ऊंचाइयां छुएंगे। यह संवाद सुरक्षा और विकास का मजबूत आधार बनेगा।