टीकाराम जूली ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद नामांकन को ड्रामा बताते हुए हमला बोला। राजस्थान के नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक मूल्यों से कोसों दूर है और दलित को कभी वास्तविक नेता पद नहीं देगी।
विशेष बातचीत में उन्होंने खुलासा किया कि भाजपा पर दो लोगों का राज है। वे मनचाहे अध्यक्ष चुनकर पार्टी को अपनी इच्छानुसार चलाते हैं। एसआईआर प्रक्रिया में वोटर हटाने की साजिश रच रहे हैं।
राजस्थान में एसआईआर चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा था। शाह दौरे के बाद हटाने के आवेदन की बाढ़ आ गई। जूली को 25,000 फॉर्म मिले, अधिकांश जाली साइन वाले। चुनाव आयोग व सुप्रीम कोर्ट से जांच की मांग की।
यह कांग्रेस वोटर हटाओ कैंपेन है, बिहार जैसा विवाद पैदा करने की कोशिश। सतर्कता बरतते हुए बूथ लेवल एजेंट तैनात किए गए थे। जूली ने भिवाड़ी प्रदूषण, दिल्ली अव्यवस्था, यमुना गंदगी व अरावली खनन पर भाजपा की चुप्पी भेदी।
बंगाल फोकस में वे जरूरी मुद्दों को नजरअंदाज कर रहे। पीएम को बांग्लादेश हिंदू संकट पर बोलने की नसीहत दी। ममता का पलटवार भाजपा को भारी पड़ेगा। विपक्ष कमजोर नहीं पड़ेगा।