अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में नया मोड़ आया है। क्रेमलिन के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्लादिमीर पुतिन को गाजा विवाद सुलझाने वाले ‘बोर्ड ऑफ पीस’ का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया है। रूस इस सुझाव पर विचार कर रहा है और अमेरिका से बातचीत की तैयारी में जुटा हुआ है।
क्रेमलिन के मुखपत्र दिमित्री पेस्कोव ने मीडिया को जानकारी दी। तास के मुताबिक, उन्होंने कहा, ‘कूटनीतिक रास्ते से राष्ट्रपति पुतिन को इस बोर्ड में शामिल होने का ऑफर मिला है। हम प्रस्ताव की गहराई से जांच कर रहे हैं।’ पेस्कोव ने सभी मुद्दों पर पारदर्शिता के लिए वाशिंगटन से संपर्क की अपेक्षा की।
गाजा शांति प्रक्रिया के द्वितीय चरण में यह बोर्ड काम शुरू करेगा। प्रथम चरण अक्टूबर 2025 में मिस्र, कतर, अमेरिका व तुर्की की मदद से इजरायल और हमास के बीच सफल रहा। यूक्रेन युद्ध के बाद पश्चिमी प्रतिबंधों में घिरे रूस के लिए यह अवसर महत्वपूर्ण है।
ट्रंप के नेतृत्व में यह सर्वोच्च निकाय गाजा का केंद्रीय पर्यवेक्षक बनेगा, जिसमें विश्व के राष्ट्राध्यक्ष भाग लेंगे। भारत समेत कई देश आमंत्रित हैं। रॉयटर्स द्वारा प्राप्त दस्तावेजों में ट्रंप की स्थायी अध्यक्षता, गाजा से वैश्विक विस्तार, तीन साल के कार्यकाल और 1 बिलियन डॉलर की स्थायी सदस्यता शुल्क का उल्लेख है।
कूटनीतिज्ञों का मानना है कि इससे यूएन की प्रासंगिकता प्रभावित हो सकती है। मध्य पूर्व शांति के इस नए प्रयोग से वैश्विक समीकरण बदल सकते हैं।