वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मंच पर दावोस में एक नया दौर शुरू हुआ है। ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी (जेजीयू) ने वर्ल्ड यूनिवर्सिटी लीडर्स फोरम (डब्ल्यूयूएलएफ) शुरू किया। यह उच्च शिक्षा जगत का पहला ऐसा अंतरराष्ट्रीय मंच है, जो विश्वविद्यालय प्रमुखों को एक छतरी के नीचे लाएगा।
फोरम के माध्यम से विभिन्न देशों के शिक्षण संस्थान उच्च शिक्षा और सामाजिक चुनौतियों पर एकत्रित होंगे। अनुभवों का आदान-प्रदान होगा और संयुक्त प्रयासों से रास्ते निकाले जाएंगे।
भारत की समृद्ध शिक्षा विरासत और नवीन जिंदल की प्रेरणा से जेजीयू ने वैश्विक पटल पर अपनी जगह बनाई। दो दशकों में 600 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां बनीं, जो इसके वैश्विक दृष्टिकोण को दर्शाती हैं।
डब्ल्यूयूएलएफ खुला मंच है, जहां विकसित और विकासशील देशों के विश्वविद्यालय सीखेंगे और समाधान गढ़ेंगे। संयुक्त राष्ट्र लक्ष्यों के अनुरूप शिक्षा, शोध, नीति और साझेदारी पर फोकस रहेगा।
प्रोफेसर सी राज कुमार के नेतृत्व में आयोजन होगा। यूएस, यूके, जापान जैसे देशों से विशेषज्ञ आएंगे। भविष्य की शिक्षा और सतत विकास पर विचारमंथन होगा।
कुलपति ने बताया कि जेजीयू शिक्षा को संस्कृतियों को जोड़ने का माध्यम मानता है। डब्ल्यूयूएलएफ उत्तर-दक्षिण सहयोग को मजबूत करेगा। जटिल वैश्विक मुद्दों के बीच बेहतर नीतियां बनेंगी।
आरंभिक चर्चा एसडीजी पर होगी, जो डब्ल्यूईएफ के एजेंडे से जुड़ी है। सहयोग, विकास, तकनीक और पर्यावरण संरक्षण पर बल।
जेजीयू के अनुभवों का फल है यह फोरम। पूर्व आयोजनों के बाद 2026 का स्टार स्कॉलर्स सम्मेलन भी तैयार है। यह शिक्षा नेतृत्व को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा, समाज के लिए सकारात्मक योगदान देगा।