फिल्मकार विवेक अग्निहोत्री ने 19 जनवरी को कश्मीरी पंडित पलायन दिवस पर एक भावुक श्रद्धांजलि दी। इंस्टाग्राम पर पोस्ट की गई एनिमेटेड फोटो में एक परिवार को अपने घर से भागते दिखाया गया है, जो 1990 के उस काले अध्याय की याद दिलाती है।
उन्होंने लिखा, ’19 जनवरी – कश्मीरी हिंदुओं को पैतृक भवन त्यागने को विवश किया गया। 36 वर्षों बाद भी वे स्वदेश में ही विदेशी जीवन जी रहे हैं।’ यूजर्स ने सहानुभूति जताते हुए कमेंट्स में कहा, ‘कभी क्षमा न करना। कभी विस्मरण न करना।’
1990 में घाटी में लगातार धमकियां दी गईं – इस्लाम कबूल करो, मरो या चले जाओ। नतीजा था लाखों पंडितों का पलायन। उनकी संपत्तियां हड़प ली गईं, मंदिर ध्वस्त कर दिए गए। यह हिंदू संस्कृति का घाटी से विस्थापन था।
विवेक अग्निहोत्री ने ‘द कश्मीर फाइल्स’ फिल्म से इस सत्य को परदे पर उतारा। 15-20 करोड़ में बनी फिल्म ने 350 करोड़ कमाए। रिलीज के समय विवादों का शिकार हुई, लेकिन दर्शकों के समर्थन से कई राज्य सरकारों ने इसे टैक्स मुक्त किया।
पलायन के 34 वर्ष बाद भी पंडितों की पीड़ा कम नहीं हुई। जम्मू-दिल्ली के कैंपों में बसे वे इंतजार कर रहे हैं। अग्निहोत्री का संदेश समाज को जागृत करने का प्रयास है, जो न्याय, सुरक्षा और घर वापसी की मांग करता है। इतिहास को दोहराने न पाएं।