रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा। दोनों तरफ से हमले जारी हैं। जेलेंस्की ने रूस को वार्ता से दूर बताया, जो ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बना रहा।
भारत में यूक्रेन दूत ओलेक्सांद्र पोलिशचुक ने हालात पर चर्चा की। ‘युद्ध ने यूक्रेन को कड़ी चुनौतियों से जूझने पर मजबूर किया है। यह हमारी पहचान की अटलता का प्रमाण है। हम झुकेंगे नहीं, संघर्ष समाप्ति तक चलेगा। जीत हमारी बहादुरी व बलिदान की मिसाल बनेगी।’
वर्ल्ड बुक फेयर की सराहना करते हुए कहा, ‘यह भारतीय संस्कृति व सेना के ऑपरेशन सिंदूर जैसे योगदान को उजागर करता है। हमारे सैनिक भी वैसी ही वीरता दिखा रहे।’
भारत से अपील की, ‘विश्व शांति में भारत की भूमिका महत्वपूर्ण रही है, हमें आपकी आवश्यकता है।’ यूएस संबंधों पर बोले, ‘अमेरिका हमारा मजबूत साथी है, जिसने युद्ध शुरू होते ही समर्थन दिया।’
जेलेंस्की के संदेश में ऊर्जा मरम्मत का विवरण: ‘58,000 लोग बिजली व हीटिंग पर रात-दिन मेहनत कर रहे। कीव को 50 अतिरिक्त दल मिले। उक्रजालिज्जित्सिया जैसी कंपनियां सहायता दे रही।’
उत्तरी कीव, फ्रंटलाइन क्षेत्रों में बमबारी से बाधा। खार्किव, सुमी आदि पर विशेष फोकस। ओडेसा व पोल्टावा में स्थिरता आ रही। यूक्रेन का साहस रूस को करारी जवाब देगा।