ऑस्ट्रेलिया की संसद ने सोमवार को कैनबरा में बोंडी बीच आतंकी हमले के मृतकों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। हनुक्का समारोह के दौरान 14 दिसंबर को 15 निर्दोषों की हत्या के बाद एक मिनट का मौन रखा गया, जो नई विधेयकों पर विचार-विमर्श का आगाज था।
प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने भावुक स्वर में कहा, ‘हम शोक के इस क्षण में इकट्ठे होकर उन बहादुर आत्माओं को सलाम कर रहे हैं और उनके अपनों को देश का साथ दे रहे हैं।’
सरकार के वरिष्ठ यहूदी सदस्य जोश बर्न्स ने कहा कि बोंडी पर देश का जवाब उसकी नियति लिखेगा। ‘अमानवीकरण ही ऐसी हिंसा को जन्म देता है, हमें इससे दूर रहना होगा,’ उन्होंने आग्रह किया।
इस्लामिक स्टेट से प्रभावित नवीद अकरम व उनके पिता साजिद ने गोलीबारी की, जिसमें पुलिस ने साजिद को ढेर कर दिया।
22 जनवरी को राष्ट्रीय शोक का ऐलान हो चुका है। झंडे नीचे लटकेंगे ‘प्रकाश की जीत’ के संदेश के साथ। अल्बानीज ने संसद को दो सप्ताह पहले बुलाया ताकि घृणा फैलाने वाले बयानों और बंदूक नियंत्रण पर सशक्त कानून बनें। ‘आतंकियों के दिमाग में नफरत, हाथों में असलहे थे। हम दोनों से लड़ेंगे,’ उनका स्पष्ट संदेश।
यह संकट देश को मजबूत बनाने का अवसर है, जहां एकता और सतर्कता से भविष्य सुरक्षित होगा।