डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर डेनमार्क को ललकारा है। सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा, ‘नाटो 20 वर्षों से कह रहा है कि ग्रीनलैंड से रूसी खतरा हटाओ। डेनमार्क ने कुछ नहीं किया। अब वक्त आ गया है, यह होगा!’ अमेरिका की इस मांग ने वैश्विक तनाव बढ़ा दिया।
ट्रंप ने आठ देशों- डेनमार्क, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी समेत- पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने का फैसला लिया है। जून से यह 25 प्रतिशत तक पहुंच सकता है, बशर्ते ग्रीनलैंड अमेरिका को न बिके। इन देशों ने संयुक्त बयान में डेनमार्क का साथ दिया।
ईयू जवाबी कार्रवाई की तैयारी में है, जिसमें 93 अरब यूरो के टैरिफ शामिल हैं। ग्रीनलैंड के खनिज संपदा और सामरिक महत्व के कारण अमेरिका लंबे समय से इसे हासिल करना चाहता है। ट्रंप चेताते हैं कि देरी से चीन या रूस फायदा उठाएंगे।
यह विवाद नाटो और अमेरिका-यूरोप संबंधों को परखेगा। ट्रंप की मजबूत रणनीति सफल होगी या उलटी पड़ेगी, यह आने वाले दिनों में साफ होगा। आर्कटिक की होड़ तेज हो रही है।