कराची के गुल प्लाजा में शनिवार रात शुरू हुई आग ने 13 घंटों तक शहर को झुलसाया, जिससे मृतक संख्या सोमवार को 14 हो गई। रेस्क्यू दलों ने आठ और लाशें निकालीं, जबकि 70 से अधिक लोग गायब हैं। सर्च अभियान जोरों पर है।
आग पर काबू पाने में देरी से नुकसान बढ़ा। प्लाजा की दोषपूर्ण डिजाइन—निकास की कमी और भीड़भाड़—ने आग को भड़काया। भीषण गर्मी ने बचावकर्मियों को अंदर दाखिल होने से रोका।
व्यापारियों और स्थानीयों ने सिंध प्रशासन व मेयर की सुस्ती की कड़ी निंदा की। नजदीकी फायर स्टेशनों से तत्काल मदद न मिलने और पानी की किल्लत ने हालात बिगाड़े। रविवार सुबह ही प्रभावी कार्रवाई शुरू हुई।
गवर्नर कामरान टेसोरी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का मुआयना किया। लापता गर्भवती महिला समेत 70+ लोगों पर चिंता जताई। उन्होंने इसे देशव्यापी विपत्ति करार दिया।
अब फायर ऑपरेशन खत्म, मलबा हटाओ और कूलिंग का काम चल रहा। नेवी सहित संयुक्त टीमें जुटी हैं। डीआईजी असद रजा ने भवन को खतरनाक घोषित किया।
15 घायल सिविल हॉस्पिटल पहुंचे, ज्यादातर डिस्चार्ज। जिन्ना में दो का इलाज हुआ। भवन के हिस्से ढहने से खतरा बढ़ा।
फायर चीफ ने 20 टेंडरों की तैनाती बताई। एसबीसीए जांच करेगी। पाकिस्तान को ऐसी घटनाओं से सबक लेना होगा, सुरक्षा मानकों को मजबूत बनाना जरूरी।