क्रिप्टोकरेंसी घोटाले की नई कड़ी में मुंबई कोर्ट ने राज कुंद्रा और राजेश सतीजा को समन भेजा है। ईडी की चार्जशीट स्वीकार कर अदालत ने कार्रवाई शुरू की, जिसमें 285 बिटकॉइन का केंद्र में है।
जांच से पता चला कि पोंजी स्कीम चलाने वाले अमित भारद्वाज ने कुंद्रा को यूक्रेन प्रोजेक्ट के नाम पर बिटकॉइन दिए। प्रोजेक्ट फेल, लेकिन संपत्ति कुंद्रा के कब्जे में, जिसकी कीमत 150 करोड़ पार।
मध्यस्थता का दावा खोखला साबित हो रहा। टर्म शीट और लेन-देन की सटीक यादगारी से उनकी भूमिका उजागर। वॉलेट जानकारी न देने पर आईफोन तोड़ने का हवाला, ईडी इसे अपराध छिपाने का प्रयास मानती है।
यह मामला क्रिप्टो धोखाधड़ी के खिलाफ सख्त रुख दर्शाता है। निवेशकों को न्याय मिलने की उम्मीद के साथ कोर्ट आगे बढ़ रही है।