गुजरात सरकार ने वैश्विक पटल पर अपनी महत्वाकांक्षा बयां की है। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के नेतृत्व में राज्य का दल ‘विकसित गुजरात 2047’ की रूपरेखा लेकर दावोस के विश्व आर्थिक मंच के लिए प्रस्थान कर चुका है। यह कदम निवेश आकर्षण और युवा रोजगार पर केंद्रित है।
दावोस-क्लोस्टर्स में 19 से 23 जनवरी तक चलने वाले डब्ल्यूईएफ में गुजरात प्रमुख क्षेत्रों में सौदेबाजी करेगा। इलेक्ट्रॉनिक्स से रक्षा, सेमीकंडक्टर और हरित ऊर्जा तक – सभी क्षेत्रों में वैश्विक साझेदारियां तलाशी जाएंगी।
मीडिया से बातचीत में संघवी ने गुजरात की निवेश-अनुकूल छवि पर जोर दिया। सीएम भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में रोजगार वृद्धि प्राथमिकता है। ‘विकसित गुजरात 2047 को दुनिया के शीर्ष मंच पर ले जा रहे हैं,’ उनका दावा है।
संघवी 58 से ज्यादा बैठकों में व्यस्त रहेंगे, जहां उन्नत मैन्युफैक्चरिंग, वस्त्र उद्योग, नई तकनीकें, दवा, नवीकरणीय ऊर्जा, खाद्य प्रोसेसिंग, केमिकल्स, लॉजिस्टिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स व एयरोस्पेस पर चर्चा होगी।
इन प्रयासों से राज्य का औद्योगिक परिदृश्य मजबूत होगा, तकनीकी सहयोग बढ़ेगा, विदेशी निवेश आएगा और युवाओं को अपार अवसर मिलेंगे। भारत के 2047 विकास लक्ष्य में गुजरात का योगदान उल्लेखनीय होगा।
दावोस से लौटने पर गुजरात को मिलने वाले निवेश राज्य को आर्थिक महाशक्ति बना सकते हैं।