अमेरिका की कैलिफोर्निया फेडरल कोर्ट ने इमिग्रेशन अधिकारियों को दो भारतीय शरणार्थियों को रिहा करने का सख्त आदेश जारी किया। बिना सुनवाई की हिरासत को असंवैधानिक बताते हुए जजों ने तत्काल मुक्ति सुनिश्चित की।
ट्रंप प्रशासन की कठोर नीतियों ने प्रवासियों पर शिकंजा कसा, जिससे आईसीई की कार्रवाइयां विवादास्पद बनीं। पूर्वी कैलिफोर्निया जिला कोर्ट ने इसी हफ्ते तीन अन्य भारतीयों को रिहा किया था, आईसीई की प्रक्रियागत कमियों को उजागर करते हुए।
जज ट्रॉय ननली ने किरणदीप को फौरी रिहाई का निर्देश दिया। 2021 से अमेरिका में शरण मांग रही किरणदीप चार वर्षों से कैलिफोर्निया में बस चुकी थीं। आईसीई और यूएससीआईएस के साथ पूर्ण सहयोग के बावजूद सितंबर 2025 में एक बहानेदार अनुपस्थिति पर उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
कोर्ट ने लंबी हिरासत बिना प्रक्रिया को अस्वीकार्य माना, रिहाई के साथ पुनःगिरफ्तारी पर प्रतिबंध लगाया। रोहित का केस भी समान: 2021 में राजनीतिक भय से आए रोहित जून 2025 से बिना बॉन्ड सुनवाई हिरासत में थे।
समुदाय से जुड़े रोहित के लिए सरकार ने कोई खतरे का प्रमाण नहीं दिया। जज ने आजादी हनन के जोखिम पर चेतावनी दी। फैसलों ने स्पष्ट किया कि रिहा व्यक्ति को बिना उचित प्रक्रिया हिरासत का डर नहीं होना चाहिए। ये घटनाएं अमेरिकी प्रवासन व्यवस्था में बदलाव की संभावना जगाती हैं।