देश के कोने-कोने से नेताओं ने महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया। सोशल मीडिया संदेशों में उनके शौर्य, त्याग और देशभक्ति की मिसालें दोहराई गईं। यह दिन राजपूताना गौरव को पुनर्जीवित करता है।
पुष्कर सिंह धामी ने लिखा, ‘वीर शिरोमणि को कोटि-कोटि प्रणाम।’ उनका बलिदान राष्ट्रसेवा का पाठ पढ़ाता है। नीतीश कुमार ने प्रताप को महान शूरवीर कहा, जिनकी निष्ठा अतुलनीय है।
मोहन यादव ने उनके संघर्ष को युवा प्रेरणा बताया। शिवराज सिंह चौहान ने कहा, प्रताप की गाथा युगों तक गूंजेगी। रणदीप सुरजेवाला ने मेवाड़ के योद्धा को शत-शत नमन किया। पंकज चौधरी ने उनके समर्पण को आदर्श बताया।
इतिहास में प्रताप ने मेवाड़ की स्वतंत्रता के लिए जंगलों में जीवन व्यतीत किया। चेतक का बलिदान और हल्दीघाटी की लड़ाई उनकी वीरता के प्रतीक हैं। उनके बाद पुत्र अमर सिंह ने विजय प्राप्त की।
आज ये श्रद्धांजलियां हमें आत्मसम्मान की रक्षा का संदेश देती हैं। राजनीतिक एकता में प्रताप का योगदान उल्लेखनीय है, जो एकता और बलिदान सिखाता है।